Tanhai Shayari

तन्हा हो? तो पढ़िए ये Tanhai Shayari जो की स्पेशल आपके लिए है और शेयर करें इन Tanhai Shayari in Hindi को Facebook, Whatsapp और Instagram पर

बहुत बार हमारी लाइफ में ऐसा टाइम आता है की हम तन्हा तन्हा महसूस करते है तो उस समय हम जरूरत होती है Tanhai Ki Shayari जिसके द्वारा हम अपनी फीलिंग्स को शेयर कर पाए.

तो आज हम आपके लिए लेके आये है स्पेशल Tanhai Par Shayari जिनको पढ़कर आपको अच्छा लगेगा पढ़िए ये Hindi Shayari on Tanhai और निचे कमेंट करके जरुर बताइये आपको ये Shayari Tanhai कैसी लगी.


Tanhai Shayari


Tanhai Shayari

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है..!!

मैं हूँ दिल है तन्हाई है,
तुम भी होते अच्छा होता..!!

तन्हाई की आग में कहीं जल ही न जाऊँ,
के अब तो कोई मेरे आशियाने को बचा ले..!!

हर वक़्त का हँसना तुझे बर्बाद ना कर दे,
​तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी लिया कर..!!

मैंने तन्हाई में हमेशा तुम्हे पुकारा है,
सुन लो गौर से ऐ सनम,
तेरे बिना ज़िंदगी अधूरी सी लगती है..!!

तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे,
मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया..!!

एक तेरे ना होने से बदल जाता है सब कुछ,
कल धूप भी दीवार पे पूरी नहीं उतरी..!!

मैं तन्हाई को तन्हाई में तनहा कैसे छोड़ दू,
इस तन्हाई ने तन्हाई में तनहा मेरा साथ दिए है..!!

मुझे तन्हाई की आदत है,
मेरी बात छोडो तुम बताओ कैसी हो..!!

चलते चलते अकेले अब थक गए हम,
जो मंज़िल को जाये वो डगर चाहिए,
तन्हाई का बोझ अब और उठता नहीं,
अब हमको भी एक हमसफ़र चाहिए..!!

Tanhai Shayari in Hindi

हुआ है तुझसे बिछडने के बाद ये मालूम,
कि सिर्फ तू नहीं था तेरे साथ मेरी एक पूरी दुनिया थी..!!

ये ठीक है मरता नहीं कोई जुदाई में,
खुदा किसी को किसी से मगर जुदा न करे..!!

यूं ही तन्हाई में हम अपने दिल को सज़ा देते हैं,
नाम लिखते हैं तेरा लिख कर मिटा देतें हैं..!!

लाज़िम नहीं कि उसको भी मेरा ख्याल हो,
मेरा जो हाल है वही उसका भी वही हो..!!

ए मेरे दिल कभी तीसरे की उम्मीद भी ना किया कर ,
सिर्फ तुम और मैं ही हैं इस दश्त-ए-तन्हाई में..!!

रिश्ते तो नहीं रिश्तों की परछाई मिली,
ये कैसी भीङ है बस यहाँ तन्हाई मिली..!!

कहीं पर शाम ढलती है कहीं पर रात होती है,
अकेले गुमसुम रहते हैं न किसी से बात होती है,
तुमसे मिलने की आरज़ू दिल बहलाने नहीं देती,
तन्हाई में आँखों से रुक-रुक के बरसात होती है..!!

यादों में आपके तनहा बैठे है,
बिना लबों की हँसी गँवा बैठे हैं,
आपकी दुनिया में अँधेरा ना हो,
इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं..!!

अब तो याद भी उसकी आती नहीं,
कितनी तनहा हो गई तन्हाईयाँ..!!

शाम-ए तन्हाई में इजाफा बेचैनी,
एक तेरा ख्याल न जाना एक दूसरा तेरा जवाब न आना..!!

Tanhai Ki Shayari

इस तरह हम सुकून को महफूज़ कर लेते हैं,
जब भी तन्हा होते हैं तुम्हें महसूस कर लेते हैं..!!

तुझ पे खुल जाती मेरे रूह की तन्हाई भी,
मेरी आँखों में कभी झांक के देखा होता..!!

किसी को प्यार की सच्चाई मार डालेगी,
किसी को दर्द की गहराई मार डालेगी,
मोहब्बत में बिछड़ के कोई जी नहीं सकता,
और बच गया तो उसे तन्हाई मार डालेगी..!!

तेरे बिना ये कैसे गुजरेंगी मेरी रातें,
तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें,
बहुत लम्बी हैं ये घड़ियाँ इंतज़ार की,
करवट बदल-बदल के कटेंगी ये रातें..!!

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा,
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा..!!

ज़रा देर बैठे थे तन्हाई में,
तेरी याद आँखें दुखाने लगी..!!

तन्हाई से तँग आकर हम मोहब्बत की तलाश मैं निकले थे,
लेकिन मोहब्बत ऐसी मिली कि तनहा कर गयी..!!

हमारे चले जाने के बाद, ये समुंदर भी पूछेगा तुमसे,
कहा चला गया वो शख्स जो तन्हाई मे आ कर,
बस तुम्हारा ही नाम लिखा करता था..!!

दिल की तन्हाई को Post बना लेते है,
दर्द जब हद से गुजरता हैं तो Facebook चला लेते हैं..!!

तन्हाई में मुस्कुराना भी इश्क़ है,
और इस बात को सबसे छुपाना भी इश्क़ है..!!

Tanhai Par Shayari

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है,
वो तारों में तन्हा है और मैं हजारों में तन्हा..!!

मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना,
बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने..!!

ज़माना सिर्फ कहने को अपने साथ है,
मगर दिल मे छुपके से एक तन्हाई पलती है..!!

रास्ते कितने भी मखमली क्यों ना हो मोहब्बत के,
लेकिन खत्म वहां होते है जहाँ तन्हाई के खंडर है..!!

कई दर्द छिपे है सीने मैं मगर तेरी एक मुस्कान अधूरी सी लगती है,
अब तो बिन तेरे ना जाने क्यों हर शाम अधूरी सी लगती है..!!

जगमगाते शहर की रानाइयों में क्या न था,
ढूँढ़ने निकला था जिसको बस वही चेहरा न था,
हम वही, तुम भी वही, मौसम वही, मंज़र वही,
फ़ासले बढ़ जायेंगे इतने मैंने कभी सोचा न था..!!

कुछ इस तरह तेरे दिल के करीब आते गए,
हम तन्हाइयो के और भी नजदीक जाते गए..!!

इश्क़ मैं तो हर तरफ सिर्फ तन्हाई का साया है,
मोहब्बत मैं तो सिर्फ कुछ लोगों ने ही सच्चा प्यार पाया है..!!

रोते हैं तन्हा देख कर मुझको वो रास्ते,
जिन पे तेरे बगैर मैं गुजरा कभी न था..!!

तेरे वजूद की खुशबु बसी है साँसों में,
ये और बात है नजरों से दूर रहते हो..!!

Shayari Tanhai

ना ढूंढ़ मेरा किरदार दुनियाँ की भीड़ में,
वफादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते है..!!

अपने दुखो पे रोना अपनी खुशियों पे रोना,
क्या कुछ सिखा जाता है किसी से जुदा होना..!!

मीठी सी खुशबू में रहते हैं गुमसुम,
अपने अहसास से बाँट लो तन्हाई मेरी..!!

मेरी है वो मिसाल कि जैसे कोई दरख़्त,
चुप-चाप आँधियों में भी तन्हा खड़ा हुआ..!!

कभी पहलू में आओ तो बताएँगे तुम्हें,
हाल-ए-दिल अपना तमाम सुनाएँगे तुम्हें,
काटी हैं अकेले कैसे हमने तन्हाई की रातें,
हर उस रात की तड़प दिखाएँगे तुम्हें..!!

मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना,
कभी मिलने की हसरत कभी देखने की तमन्ना..!!

अभी ज़िंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ अकेले में,
कि अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैंने..!!

लौट आओ और मिलो उसी तड़प से,
अब तो मुझ को मेरी वफाओं का सिला दो,
देखे हैं बहुत इसने तन्हाई के मौसम,
अब तो मेरे दिल को अपने दिल से मिला दो..!!

उन्हीं रास्तों ने जिन पे कभी तुम साथ थे मेरे,
मुझे रोक रोक के पूछा तेरा हमसफ़र कहाँ है..!!

हम अंजुमन में सबकी तरफ देखते रहे,
अपनी तरह से कोई हमें अकेला नहीं मिला..!!

Hindi Shayari on Tanhai

इस तन्हाई का हम पे बड़ा एहसान है साहब,
न देती ये साथ अपना तो जाने हम किधर जाते..!!

तन्हाइओं के आलम की ना बात करो दोस्त,
वर्ना बन उठेगा जाम और बदनाम शराब होगी..!!

कभी घबरा गया होगा दिल तन्हाई में उनका,
मेरी तस्वीर को सीने से लगा कर सो गए होंगे..!!

तन्हाई ना पाए कोई साथ के बाद,
जुदाई ना पाए कोई मुलाकात के बाद,
ना पड़े किसी को किसी की आदत इतनी,
कि हर सांस भी आए उसकी याद के बाद..!!

मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता बारे में क्या सोचते हैं,
बस मेरा खुदा जनता है की मैने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा है..!!

उनके जाने के बाद तन्हाई का सहारा मिला है,
इसकी आगोश में आये, फिर निकलना नही आया..!!

यादों में आपके तनहा बैठे हैं,
आपके बिना लबों की हँसी गँवा बैठे हैं,
आपकी दुनिया में अँधेरा ना हो,
इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं..!!

फिर कहीं दूर से एक बार सदा दे मुझको,
मेरी तन्हाई का एहसास दिला मुझको..!!

उसे पाना उसे खोना उसी के हिज्र में रोना,
यही गर इश्क है तो हम तन्हा ही अच्छे हैं..!!

इस कदर हम तन्हाइयो को मेहफ़ूज़ कर लेंगे,
जब तेरी याद आएगी तुम्हे याद कर लेंगे..!!

तन्हाई शायरी

तन्हाई में नींद नहीं आती हमे,
गुज़र जाती है हर रात किसी को याद करते करते..!!

मीठी सी खुशबू में रहते हैं गुमसुम,
अपने अहसास से बाँट लो तन्हाई मेरी..!!

कुछ कर गुजरने की चाह में कहाँ-कहाँ से गुजरे,
अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ से गुजरे..!!

ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों,
जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया..!!

शाम-ए तन्हाई में इजाफा बेचैनी,
एक तेरा ख्याल न जाना एक दूसरा तेरा जवाब न आना..!!

आज की रात जो मेरी तरह तन्हा है,
मैं किसी तरह गुजारूँगा चला जाऊंगा,
तुम परेशाँ न हो बाब-ए-करम-वा न करो,
और कुछ देर पुकारूंगा चला जाऊंगा..!!

जब से देखा है चाँद को तन्हा,
तुम से भी कोई शिकायत ना रही..!!

छोड कर जाना सोची समझी साजिश थी,
वर्ना तुम तो झगड़ा भी कर सकती थी..!!

ज़िन्दगी के ज़हर को यूँ पी रहे हैं,
तेरे प्यार के बिना यूँ ज़िन्दगी जी रहे हैं,
अकेलेपन से तो अब डर नहीं लगता हमें,
तेरे जाने के बाद यूँ ही तन्हा जी रहे हैं..!!

मैं हूँ दिल है तन्हाई है,
तुम भी जो होते तो अच्छा होता..!!

इस तरह हम सुकून को महफूज़ कर लेते हैं,
जब भी तन्हा होते हैं तुम्हें महसूस कर लेते हैं..!!


Final Words


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