Kumar Vishwas Shayari

Kumar Vishwas Shayari ढूंड रहे है ना? तो सही जगह पर आये है पढ़िए Best Kumar Vishwas Shayari in Hindi और शेयर करें अपनी फीलिंग्स सोशल मीडिया पर

कुमार विश्वास का जन्म 10 फरवरी (वसन्त पंचमी), 1970 को उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के पिलखुआ में एक मध्यवर्गी परिवार में हुआ था और कुमार विश्वास ने अपना करियर राजस्थान में प्रवक्ता के रूप में 1994 में शुरू किया.

हमे पता है आप यहाँ तक Kumar Vishwas Ki Shayari पढने के लिए आये है इनकी शायरी तो सभी के द्वारा पसंद की जाती है तो आप भी पढ़िए ये Dr Kumar Vishwas Shayari का कलेक्शन और शेयर करें Whatsapp, Facebook और Instagram पर


Dr Kumar Vishwas Shayari in Hindi


Kumar Vishwas Shayari

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है,
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है,
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है,
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है..!!

मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं मेरी आंखों में आँसू हैं,
जो तू समझे तो मोती है जो ना समझे तो पानी है..!!

समंदर पीर का अन्दर है, लेकिन रो नहीं सकता,
यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नहीं सकता,
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले,
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता..!!

भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा,
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा,
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का,
मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा..!!

मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है,
जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता है,
और जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं,
जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं सब सोते हैं हम रोते हैं..!!

कोई खामोश है इतना बहाने भूल आया हूँ,
किसी की इक तरनुम में तराने भूल आया हूँ,
मेरी अब राह मत तकना कभी ए आसमां वालो,
मैं इक चिड़िया की आँखों में उड़ाने भूल आया हूँ..!!

ना पाने की खुशी है कुछ ना खोने का ही कुछ गम है,
ये दौलत और शोहरत सिर्फ कुछ ज़ख्मों का मरहम है,
अजब सी कशमकश है,रोज़ जीने रोज़ मरने में,
मुक्कमल ज़िन्दगी तो है मगर पूरी से कुछ कम है..!!

पनाहों में जो आया हो उस पर वार क्या करना,
जो दिल हारा हुआ हो, उस पे फिर से अधिकार क्या करना,
मोहब्बत का मज़ा तो, डूबने की कशमकश में है,
जो हो मालूम गहरायी, तो दरिया पार क्या करना..!!

वो जिसका तीर चुपके से जिगर के पार होता है,
वो कोई गैर क्या अपना ही रिश्तेदार होता है,
किसी से अपने दिल की बात तू कहना ना भूले से,
यहाँ ख़त भी थोड़ी देर में अखबार होता है..!!

तुम्हीं पे मरता है ये दिल अदावत क्यों नहीं करता,
कई जन्मों से बंदी है बगावत क्यों नहीं करता,
कभी तुमसे थी जो वो ही शिकायत है ज़माने से,
मेरी तारीफ़ करता है मोहब्बत क्यों नहीं करता..!!

Kumar Vishwas Shayari in Hindi

मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं मेरी आंखों में आँसू हैं,
जो तू समझे तो मोती है जो ना समझे तो पानी है..!!

मेरे जीने मरने में तुम्हारा नाम आएगा,
मैं सांस रोक लू फिर भी, यही इलज़ाम आएगा,
हर एक धड़कन में जब तुम हो, तो फिर अपराध क्या मेरा,
अगर राधा पुकारेंगी, तो घनश्याम आएगा..!!

मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करती है,
भरी महफ़िल में भी, रुसवा हर बार करती है,
यकीं है सारी दुनिया को, खफा है हमसे वो लेकिन,
मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करती है..!!

हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है,
खुदा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है,
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का,
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है..!!

पनाहो मै जो आए हो उस पार वार क्या करना,
जो दिल हारा हुया हो, उस पै फिरसे आधिकार कया करना,
मोहब्बत का मजा तो, डूबने की कशमकश मै हैं,
जाब हो मालूम गेहराई, तो दरिया पार क्या करना..!!

वो पगली लड़की नौ दिन मेरे लिए भूखी रहती है,
छुप -छुप सारे व्रत करती है पर मुझसे कभी ना कहती है..!!

कोई कब तक महज सोचे कोई कब तक महज गाए,
ईलाही क्या ये मुमकिन है कि कुछ ऐसा भी हो जाऐ,
मेरा मेहताब उसकी रात के आगोश मे पिघले,
मैँ उसकी नीँद मेँ जागूँ वो मुझमे घुल के सो जाऐ..!!

सखियों संग रंगने की धमकी सुनकर क्या डर जाऊँगा,
तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा,
भींग रही है काया सारी खजुराहो की मूरत सी,
इस दर्शन का और प्रदर्शन मत करना, मर जाऊँगा..!!

बस उस पगली लड़की के संग जीना फुलवारी लगता है,
और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है..!!

जब साड़ी पहने एक लड़की का एक फोटो लाया जाता है ,
जब भाभी हमें मनाती हैं फोटो दिखलाया जाता है..!!

Best Kumar Vishwas Shayari

मैं तेरा खोया या पाया हो नहीं सकता,
तेरी शर्तो पे गायब या नुमाया हो नहीं सकता,
भले साजिश से गहरे दफ़न मुझ को कर भी दो पर मैं,
स्रजन का बीज हुँ मिटटी में जाया हो नहीं सकता..!!

कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है,
लो हमने देख ली दुनिया, जो इतनी खुबसूरत है,
जमाना अपनी समझे पर, मुझे अपनी खबर यह है,
तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है..!!

एक पहाडे सा मेरी उँगलियों पे ठहरा है,
तेरी चुप्पी का सबब क्या है? इसे हल कर दे,
ये फ़क़त लफ्ज़ हैं तो रोक दे रस्ता इन का,
और अगर सच है तो फिर बात मुकम्मल कर दे..!!

दीदी कहती हैं उस पगली लड़की की कुछ औकात नहीं,
उसके दिल में भैया तेरे जैसे प्यारे जज्बात नही..!!

तुम्हारा ख़्वाब जैसे ग़म को अपनाने से डरता है,
हमारी आखँ का आँसूं , ख़ुशी पाने से डरता है
अज़ब है लज़्ज़ते ग़म भी, जो मेरा दिल अभी कल तक़,
तेरे जाने से डरता था वो अब आने से डरता है..!!

तुमने अपने होठों से जब छुई थीं ये पलकें,
नींद के नसीबों में ख्वा़ब लौट आया था,
रंग ढूँढने निकले लोग जब कबीले के,
तितलियों ने मीलों तक रास्ता दिखाया था..!!

प्रथम पद पर वतन न हो तो हम चुप रह नहीं सकते,
किसी शव पर कफ़न न हो तो हम चुप रह नहीं सकते,
भले सत्ता को कोई भी सलामी दे न दे लेकिन,
शहीदों को नमन न हो तो हम चुप रह नहीं सकते..!!

अजब है कायदा दुनिया ऐ इश्क का मौला,
फूल मुरझाए तब उसपार निखार आता हैं,
आजिब बात हैं तबियत खराब है जाब से,
मुझको तुम पे कुछ ज्यादा प्यार आता हैं..!!

घर से निकला हू तो निकला हैं घर भी साथ मेरे,
देखना है की मंजिल पे कौन पहुंचेगा,
मेरी कश्ती मै भवर बाँध के दुनिया ख़ुश हैं,
दुनिया देखेगी कि साहिल पे कौन पहुँचेगा..!!

हामारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना हैं,
खुदा जाने गुरुर ए हुसनो में मदहोश कितना हैं,
किसि प्याले से पूछा हैं सुराही ने सबाब मैं का,
जो खुद ही बेहोश हो वो क्या बताए होश कितना हैं..!!

Kumar Vishwas Ki Shayari

मेरा जो भी तर्जुबा हैं तुम्हे बतला रहा हू मै,
कोइ लब छु गया था तब कि अब तक गा रहा हू मैं,
बिछड़ के तुम से अब कैसे जिया जाए बिना तडपे,
जो मे खुद ही नही समझा वही समझा रहा हु मैं..!!

तुम्ही पे मारता है ए दिल अदावत क्यो नही करता,
कइ जन्मो से बंदी हैं बगावत क्यो नही करता,
कभी तुमसे थी जो वही शिकायत हैं जमाने से,
मेरी तारीफ करता हैं मोहब्बत क्यो नही करता..!!

उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे,
वो मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे,
मेरी पलको से फिसल जाता हैं चेहरा तेरा,
ये मुसाफिर तो कोई ठिकाना चाहे..!!

मेरे जीने मरने मै तुम्हरा नाम आएगा,
मैं सांस रोक लू फिर भी यही इलज़ाम आएगा,
हर एक धड़कन में जब तुम हो तो फिर अपराध क्या मेरा,
अगर राधा पुकारेंगी तो घनश्याम आएगा..!!

सदा तो धूप के हाथो मैं ही परचाम नही होता,
खुशी के घर में भी बोलो कभी क्या गम नही होता,
फ़क़त एक आदमी के वास्ते जग छोड़ने वालो,
फ़क़त उस आदमी से ए जमाना कम नही होता..!!

ना पाने कि खुशी हैं कुछ ना खोने का कुछ गम हैं,
ऐ दौलत और शोहरात सिर्फ कुछ ज़ख्मो का मरहम हैं,
अजब सी कशमोकश हैं रोज़ जीने रोज मरने मै,
मुक्कमाल ज़िन्दगी तो हैं मगर पूरी से कुछ काम हैं..!!

मेरे जीने मरने में तुम्हारा नाम आएगा,
मैं सांस रोक लू फिर भी यही इलज़ाम आएगा,
हर एक धड़कन में जब तुम हो तो फिर अपराध क्या मेरा,
अगर राधा पुकारेंगी, तो घनश्याम आएगा..!!

मोहब्बत एक अहसासों की, पावन सी कहानी है,
कभी कबिरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है,
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं,
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है..!!

तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ,
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ,
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ..!!

बतायें क्या हमें किन-किन सहारों ने सताया है,
नदी तो कुछ नहीं बोली, किनारों ने सताया है,
सदा ही शूल मेरी राह से ख़ुद हट गए लेकिन,
मुझे तो हर घडी हर पल बहारों ने सताया है..!!

Dr Kumar Vishwas Shayari

तुझ को गुरुर ए हुस्न है मुझ को सुरूर ए फ़न,
दोनों को खुदपसंदगी की लत बुरी भी है,
तुझ में छुपा के खुद को मैं रख दूँ मग़र मुझे,
कुछ रख के भूल जाने की आदत बुरी भी है..!!

जब भी आना उतर के वादी में,
ज़रा सा चाँद लेते आना तुम..!!

मिलते रहिए कि मिलते रहने से,
मिलते रहने का सिलसिला हूँ मैं..!!

हर इक खोने में हर इक पाने में तेरी याद आती है,
नमक आँखों में घुल जाने में तेरी याद आती है,
तेरी अमृत भरी लहरों को क्या मालूम गंगा माँ,
समंदर पार वीराने में तेरी याद आती है..!!

गम में हूँ य़ा हूँ शाद मुझे खुद पता नहीं,
खुद को भी हूँ मैं याद मुझे खुद पता नहीं,
मैं तुझको चाहता हूँ मगर माँगता नहीं,
मौला मेरी मुराद मुझे खुद पता नहीं..!!

हम को यारों ने याद भी न रखा,
‘जौन’ यारों के यार थे हम तो..!!

हमारे ज़ख़्म-ए-तमन्ना पुराने हो गए हैं,
कि उस गली में गए अब ज़माने हो गए हैं..!!

हम ने क्यूँ ख़ुद पे एतिबार किया,
सख़्त बे-ए’तिबार थे हम तो..!!

हमला है चार सू दर-ओ-दीवार-ए-शहर का,
सब जंगलों को शहर के अंदर समेट लो..!!

तुम अगर नहीं आयी गीत गा न पाउगा,
सांस साथ छोड़ेगी, सुर सजा न पाउगा,
तान भावना की है, शब्द शब्द दर्पण है,
बांसुरी चली आओ, होठ का निमंत्रण है..!!

Kumar Vishwas Shayari Hindi

कलम को खून में खुद के डुबोता हूँ तो हंगामा,
गिरेबां अपना आंसू में भिगोता हूँ तो हंगामा,
नही मुझ पर भी जो खुद की खबर वो है जमाने पर,
मैं हंसता हूँ तो हंगामा, मैं रोता हूँ तो हंगामा..!!

स्वंय से दूर हो तुम भी स्वंय से दूर है हम भी,
बहुत मशहूर हो तुम भी बहुत मशहूर है हम भी,
बड़े मगरूर हो तुम भी बड़े मगरूर है हम भी,
अतः मजबूर हो तुम भी अतः मजबूर है हम भी..!!

हमने दुःख के महासिंधु से सुख का मोती बीना है,
और उदासी के पंजों से हँसने का सुख छीना है,
मान और सम्मान हमें ये याद दिलाते है पल पल,
भीतर भीतर मरना है पर बाहर बाहर जीना है..!!

वो जो खुद में से कम निकलतें हैं,
उनके ज़हनों में बम निकलतें हैं,
आप में कौन-कौन रहता है,
हम में तो सिर्फ हम निकलते हैं..!!

चंद चेहरे लगेंगे अपने से,
खुद को पर बेक़रार मत करना,
आख़िरश दिल्लगी लगी दिल पर,
हम न कहते थे प्यार मत करना..!!

उम्मीदों का फटा पैरहन,
रोज़-रोज़ सिलना पड़ता है,
तुम से मिलने की कोशिश में,
किस-किस से मिलना पड़ता है..!!

कितनी दुनिया है मुझे ज़िन्दगी देने वाली,
और एक ख्वाब है तेरा की जो मर जाता है,
खुद को तरतीब से जोड़ूँ तो कहा से जोड़ूँ,
मेरी मिट्टी में जो तू है की बिखर जाता है..!!

हमें बेहोश कर साकी पिला भी कुछ नहीं हमको,
कर्म भी कुछ नहीं हमको सिला भी कुछ नहीं हमको,
मोहब्बत ने दे दिआ है सब मोहब्बत ने ले लिया है सब,
मिला कुछ भी नहीं हमको गिला भी कुछ नहीं हमको..!!

आँखें की छत पे टहलते रहे काले साये,
कोई पहले में उजाले भरने नहीं आया,
कितनी दिवाली गयी, कितने दशहरे बीते,
इन मुंडेरों पर कोई दीप न धरने आया..!!

गाँव-गाँव गाता फिरता हूँ, खुद में मगर बिन गाय हूँ,
तुमने बाँध लिया होता तो खुद में सिमट गया होता मैं,
तुमने छोड़ दिया है तो कितनी दूर निकल आया हूँ मैं,
कट न पायी किसी से चाल मेरी, लोग देने लगे मिसाल मेरी,
मेरे जुम्लूं से काम लेते हैं वो, बंद है जिनसे बोलचाल मेरी..!!

कुमार विश्वास शायरी

हर एक नदिया के होंठों पे समंदर का तराना है,
यहाँ फरहाद के आगे सदा कोई बहाना है,
वही बातें पुरानी थीं, वही किस्सा पुराना है,
तुम्हारे और मेरे बिच में फिर से जमाना है..!!

जब आता है जीवन में खयालातों का हंगामा,
हास्य बातो या जज़्बातो मुलाकातों का हंगामा,
जवानी के क़यामत दौर में ये सोचते है सब,
ये हंगामे की राते है या है रातो का हंगामा..!!

महफिल-महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है,
खुद ही खुद को समझाना तो पड़ता है,
उनकी आँखों से होकर दिल जाना.
रस्ते में ये मैखाना तो पड़ता है..!!

हम को हरगिज़ नहीं ख़ुदा मंज़ूर,
या’नी हम बे-तरह ख़ुदा के हैं..!!

सोचता हूँ कि उसकी याद आख़िर,
अब किसे रात भर जगाती है..!!

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला देखूँ,
है अंधेरे में उजाला तो उजाला देखूँ,
आईना रख दे मेरे सामने आखिर मैं भी,
कैसा लगता हूँ तेरा चाहने वाला देखूँ..!!

हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते,
मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि ये भी कह नहीं सकते,
जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि चीख सुन भर लो,
जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते..!!

जब जल्दी घर जाने की इच्छा मन ही मन घुट जाती है,
जब कालेज से घर लाने वाली पहली बस छुट जाती है,
और जब बेमन से खाना खाने पर माँ गुस्सा हो जाती है,
जब लाख मन करने पर भी पारो पढ़ने आ जाती है..!!

ए चादर सुख की मोला क्यू, सदा छोटी बानाता हैं,
सिरा कोइ भी थामो, दूसरा खुद छुट जाता हैं,
जब तुम्हारे साथ था, तो मे जमाने भर मे रुसवा था,
मगर आब तुम नही हो तो, जमाना साथ गाता हैं..!!

जब बार-बार दोहराने से सारी यादें चुक जाती हैं,
जब ऊँच-नीच समझाने में माथे की नस दुःख जाती है,
तब एक पगली लड़की के बिन जीना गद्दारी लगता है,
और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है..!!

जब पोथे खाली होते है, जब हर्फ़ सवाली होते हैं,
जब गज़लें रास नही आती, अफ़साने गाली होते हैं,
और जब बासी फीकी धूप समेटे दिन जल्दी ढल जता है,
जब सूरज का लश्कर छत से गलियों में देर से जाता है..!!


Final Words


आपको ये ब्लॉग Kumar Vishwas Shayari in Hindi और Kumar Vishwas Shayari कैसा लगा कमेंट करके जरुर बताएं! इसके आलावा भी अगर ब्लॉग या वेबसाइट से संबधित कोई Suggestion या Advice है। तो दे सकते है हम उसमे सुधार करने की कोशिश करेंगे!

अगर आपको Kumar Vishwas Shayari पसंद आया तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें! और हमे FacebookInstagram और Pinterest पर भी फॉलो कर सकते है..!! धन्यवाद

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top