[100+] Gulzar Shayari in Hindi (SEP 2021) | गुलज़ार शायरी

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Gulzar Shayari / गुलज़ार शायरी


Gulzar Shayari

जो जाहिर करना पड़े वो दर्द कैसा,
और जो दर्द न समझ सके वो हमदर्द कैसा..!!

नज़र झुका के उठाई थी जैसे पहली बार,
फिर एक बार तो देखो मुझे उसी नज़र से..!!

मौसम का गुरुर तो देखो,
तुमसे मिल के आया हो जैसे..!!

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे..!!

सफल रिश्तों के बस यही उसूल है,
बातें भूलिए जो फिजूल है..!!

कुछ रिश्तों में मुनाफा नहीं होता,
लेकिन ज़िन्दगी को अमीर बना देते हैं..!!

रिश्तों की अहमियत समझा करो जनाब,
इन्हे जताया नहीं निभाया जाता है..!!

धागे बड़े कमजोर चुन लेते हैं हम,
और फिर पूरी उम्र गांठ बांधने में ही निकल जाती है..!!

तेरे जाने से कुछ बदला तो नहीं,
रात भी आई थी और चाँद भी मगर नींद नहीं..!!

टूट जाना चाहता हूँ, बिखर जाना चाहता हूँ,
में फिर से निखार जाना चाहता हूँ,
मानता हूँ मुश्किल हैं लेकिन में गुलज़ार होना चाहता हूँ..!!


Gulzar Ki Shayari


Gulzar Ki Shayari

एक खूबसूरत सा रिश्ता खत्म हो गया,
हम दोस्ती निभाते रहे और उसे इश्क़ हो गया..!!

दिल अगर है तो दर्द भी होगा,
इसका शायद कोई हल नहीं होगा..!!

मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में,
​बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका..!!

आइना देख कर तसल्ली हुई,
हमको इस घर में जानता है कोई..!!

हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में,
रुक कर अपना ही इंतज़ार किया..!!

प्यार में कितनी बाधा देखी,
फिर भी कृष्ण के संग राधा देखी..!!

दुपट्टा क्या रख लिया सर पे, वो दुल्हन नजर आने लगी,
उसकी तो अदा हो गयी, जान हमारी जाने लगी..!!

जो उम्र भर भी न मिल सके,
उसे उम्र भर चाहना इश्क है..!!

बेतअल्लुक़ ज़िंदगी अच्छी नहीं,
ज़िंदगी क्या मौत भी अच्छी नहीं..!!

तन्हाई अच्छी लगती है सवाल तो बहुत करती,
पर जवाब के लिए ज़िद नहीं करती..!!


Gulzar Shayari in Hindi


Gulzar Shayari in Hindi

समेट लो इन नाजुक पलो को ना जाने ये लम्हे हो ना हो,
हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलो में हम हो ना हो..!!

बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है पर गुज़ारा हो ही जाता है..!!

मैं चुप कराता हूं हर शब उमड़ती बारिश को,
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है..!!

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में,
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में..!!

दूसरा मौका सिर्फ मोहब्बत को दिया जाता है,
जिस शख्स से मोहब्बत थी उसे नहीं..!!

सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं..!!

बिगड़ैल हैं ये यादे,
देर रात को टहलने निकलती हैं..!!

इतना क्यों सिखाई जा रही हो जिंदगी,
हमें कौन से सदिया गुजारनी है यहां..!!

थोड़ा सा रफू करके देखिए ना,
फिर से नई सी लगेगी जिंदगी ही तो है..!!

मैं वो क्यों बनु जो तुम्हें चाहिए,
तुम्हें वो कबूल क्यों नहीं जो मैं हूं..!!


2 Line Gulzar Shayari Hindi


2 Line Gulzar Shayari Hindi

मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं,
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं..!!

बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती..!!

वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर,
आदत इस की भी आदमी सी है..!!

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं..!!

दर्द हल्का है साँस भारी है,
जिए जाने की रस्म जारी है..!!

मानता हूँ मुश्किल हैं,
लेकिन में गुलज़ार होना चाहता हूँ..!!

आदतन तुम ने कर दिए वादे,
आदतन हम ने ऐतबार किया..!!

पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो,
कोई पुरानी तमन्ना पिंघल रही होगी..!!

ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं,
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं..!!

इस दिल का कहा मनो एक काम कर दो,
एक बेनाम सी मोहब्बत मेरे नाम करदो..!!


Heart Touching Gulzar Shayari


Heart Touching Gulzar Shayari

तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,
दिल तड़पता रहा हम मिटाते रहे..!!

कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था,
आज की दास्ताँ हमारी है..!!

तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं..!!

कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती,
जब तक ख़ुद पर ना गुजरे..!!

ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ,
बस बचपन की जिद्द समझौतों में बदल जाती हैं..!!

ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं,
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं,
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं,
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं..!!

मेरा हक़ नहीं है तुम पर ये जानता हु मैं,
फिर भी न जाने क्यों दुआओ में तुझको मांगना अच्छा लगता है..!!

हसरते पूरी न हो तो न सही,
पर ख्वाब देखना कोई गुनाह तो नहीं..!!

बड़ी नादानी से पूछा उन्होंने क्या अच्छा लगता है,
हमने भी धीरे से कह दिया एक झलक आपकी..!!

यूँ तो हम अपने आप में गुम थे,
सच तो ये है की वहां भी तुम थे..!!


Gulzar Shayari Images Pics Photos


Famous Gulzar Shayari Images Pics Photos

काँच के पीछे चाँद भी था और काँच के ऊपर काई भी
तीनों थे हम, वो भी थे और मैं भी था तन्हाई भी..!!

शायर बनना बहुत आसान हैं,
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए..!!

कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं तो तुम शर्ते बदल देते हो..!!

सारी उम्र तुझे मेरी कमी रही है,
रब करे तेरी उम्र बहुत लम्बी रहे..!!

मोहब्बत थी तो चाँद था,
उतर गई तो दाग भी दिखने लगे..!!

न हक़ दो इतना की तकलीफ हो तुम्हे,
न वक्त दो इतना की गुरुर हो हमें..!!

सालो बाद मिले वो गले लगकर रोने लगे,
जाते वक्त जिसने कहा था तुम्हारे जैसे हजार मिलेंगे..!!

राधा सी सादगी है तुम मे इसलिए पसंद हो,
वरना खूबसूरत तो यहाँ गोपिया भी है..!!

सबके सामने हाथ पकड़ लेता है तुम्हारा,
ये चूड़ीवाला भी एक दिन मार खायेगा मुझसे..!!

जरुरी नहीं हर ख्वाब पूरा हो,
सोचा तो उसे ही जाता हे, जो अधूरा हो..!!


Motivational Shayari by Gulzar


गुलज़ार शायरी

मेरे पास आने के लिए भी तुम हो,
और खोने के लिए भी तुम ही हो..!!

बार बार ज़ुल्फो को कानों से हटा रहे है वो,
लाए है हम उनके लिए झुमके सबको बता रहे हे वो..!!

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ,
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की..!!

महफ़िल में गले मिलकर वह धीरे से कह गए,
यह दुनिया की रस्म है, इसे मुहोब्बत महोबत मत समझ लेना..!!

बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है..!!

इतने लोगों में कह दो अपनी आँखों से,
इतना ऊँचा न ऐसे बोला करे, लोग मेरा नाम जान जाते हैं..!!

वो चीज जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख कर कहीं..!!

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं,
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िन्दगी तो नहीं..!!

कोई पूछ रहा है मुझसे अब मेरी ज़िन्दगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है हल्का सा मुस्कुराना तुम्हारा..!!

मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है,
मिल जाए तब भी और ना मिले तब भी..!!


Romantic Gulzar Shayari on Love


गुलज़ार की शायरी

सुनो ज़रा रास्ता तो बताना,
मोहब्बत के सफ़र से वापसी है मेरी..!!

इश्क़ में जलते हुए साँस तेजबी लगे,
राज़ खुलता ही नहीं कोई तो चाबी लगे..!!

ये इश्क़ मोहब्बत की रिवायत भी अजीब है,
पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते..!!

उस उम्र से हमने तुमको चाहा है,
जिस उम्र में हम जिस्म से वाकिफ ना थे..!!

ऐ हवा उनको कर दे खबर मेरी मौत की और कहना,
कि कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाश उनके आँचल का इंतज़ार करती है..!!

तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं..!!

बेहिसाब हसरते ना पालिये,
जो मिला हैं उसे सम्भालिये..!!

कुछ लोगों ने रंग लूट लिए शहर में इस के,
जंगल से जो निकली थी वो रंगीन थी बारिश..!!

फिर वहीं लौट के जाना होगा,
यार ने कैसी रिहाई दी है..!!

अच्छी किताबें और अच्छे लोग,
तुरंत समझ में नहीं आते उन्हें पढना पड़ता हैं..!!


Gulzar Shayari on Life


गुलज़ार शायरी हिंदी

मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है शौर भी है,
तूने देखा ही नहीं आँखों में कुछ और भी है..!!

बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती..!!

मैंने दबी आवाज़ में पूछा? मुहब्बत करने लगी हो,
नज़रें झुका कर वो बोली! बहुत..!!

कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था,
आज की दास्ताँ हमारी है..!!

कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना,
मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं,
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं..!!

हम अपनों से परखे गए हैं कुछ गैरों की तरह,
हर कोई बदलता ही गया हमें शहरों की तरह..!!

आज की रात यूँ थमी सी है,
आज फिर आपकी कमी सी है..!!

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई,
जैसे एहसान उतारता है कोई..!!

जिस की आंखों में कटी थीं सदियां,
उस ने सदियों की जुदाई दी है..!!

वो चीज जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख कर कहीं..!!


Gulzar Shayari on Dosti


गुलज़ार शायरी

हाथ छुटे तो भी रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक़्त की शाख से रिश्ते नहीं तोड़ा करते..!!

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ,
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की..!!

मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में,
बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका..!!

शोर की तो उम्र होती हैं,
ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं..!!

एक बार तो यूँ होगा, थोड़ा सा सुकून होगा,
ना दिल में कसक होगी, ना सर में जूनून होगा,
हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं नहीं छोड़ा करते,
वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोडा करते..!!

बेहिसाब हसरते ना पालिये,
जो मिला हैं उसे सम्भालिये..!!

कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है,
ज़िंदगी एक नज़्म लगती है..!!

हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको,
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया..!!

अपने साये से चौक जाते हैं हम,
उम्र गुजरी है इस कदर तनहा..!!

कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं..!!


Final Words


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